Icon to view photos in full screen

“मुझे हर समय टीवी देखना पसंद है। अचानक तेज़ आवाज़ों से मुझे डर लगता है।”

इलेशन सुल्तान (9) रात में अपने पिता की घर लौटती कार की आवाज़ पहचान लेता है। आवाज़ सुनते ही वह इंजन की आवाज़ की नकल करने लगता है - “हम्म, म्म” - और चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान लिए अपने शरीर को घसीटते हुए दरवाज़े की ओर बढ़ता है। साउथ अंडमान के चौलदारी गाँव के रहने वाले एलिनर और एडविन का दूसरा बच्चा, इलेशन कई तरह की विकलांगताओं से जूझ रहा है, जिसकी वजह से वह घर से बाहर नहीं निकल पाता।
 
जब दूसरा बच्चा होता है, तो स्वाभाविक रूप से माँ उसकी तुलना पहले बच्चे से करती है; एलिनर के मामले में भी ऐसा ही हुआ। इडू के जन्म के चार साल बाद इलेशन का जन्म हुआ। जब छह महीने का होने के बाद भी वो पीठ के बल ही लेटा रहता था और करवट नहीं लेता था, तो एलिनर और एडविन उसे “बड़े अस्पताल” ले गए। वहाँ डॉक्टर ने कहा कि अभी बीमारी का पता लगाना जल्दबाजी होगी; थोड़ा बड़ा होने पर उसे दोबारा लाएं।
 
एलिनर याद करते हुए कहती हैं, “मैं उसे बैठने में मदद करती थी। जब वो एक साल का हो गया, वो तब भी न तो खुद खाना खाता था और न ही वो काम करता था जो दूसरे बच्चे करते हैं। वो तीन साल का था जब आँगनवाड़ी [सरकारी क्रेच] की एक टीचर ने हमें उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा। डॉक्टर ने कहा कि वह मानसिक रूप से ठीक नहीं है। फिर हम बड़े अस्पताल गए और वहाँ भी डॉक्टरों ने हमें यही बात बताई।”
 
लेकिन इलेशन को सिर्फ़ मानसिक विकलांगता ही नहीं है। 12वीं कक्षा तक पढ़ी-लिखी एलिनर सिर्फ़ यह बता पाती हैं कि वो क्या-क्या नहीं कर सकता। वे कहती हैं, “वो न तो चल सकता है और न ही बोल सकता है। जब वो छोटा था, तो मैंने उसे वॉकर इस्तेमाल करने के लिए कहा, लेकिन वो चिल्लाने और रोने लगता था। वो खुद से बैठ नहीं सकता। मुझे उसे हर जगह गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है।” जब EGS के इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या उसे कभी थेरेपी दी गई है, तो उन्होंने पलकें झपकाईं। उन्होंने पूछा, “वो  क्या होती है?” जब उन्हें यह समझाने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कहा, “नहीं, नहीं, मुझे समझ नहीं आ रहा कि आप क्या कह रहे हैं।”
 
एडविन इंडिया रिज़र्व बटालियन (IRB) में पुलिसकर्मी हैं। असल में, वे उसी पुलिस क्वार्टर में रहते हैं जहाँ आभाश मिंज (जिनकी कहानी हमने हाल ही में छापी थी) के माता-पिता, एंसोस्ना केरकेट्टा और कुलदीप मिंज रहते हैं। एडविन सुबह 6 बजे काम पर जाते हैं और रात 9 बजे तक लौटते हैं। कभी-कभी 'डेपुटेशन' (कुछ समय के लिए दूसरी जगह ट्रांसफर) पर होने के कारण वे लगातार तीन महीने तक घर नहीं आ पाते। ऐसे में, सात साल के मैसी समेत अपने तीनों बेटों की देखभाल की मुख्य ज़िम्मेदारी एलिनर की होती है।
 
वे कहती हैं, "मेरे लिए बच्चों को, घर को और इलेशन को संभालना आसान नहीं है। मैं सुबह 4 बजे उठकर अपने पति का लंच पैक करती हूँ, घर का काम करती हूँ और फिर एलेशन का ध्यान रखती हूँ।" पहले उनकी बहन आकर मदद करती थीं, लेकिन अब वे निकोबार में अपने बूढ़े पिता की देखभाल करती हैं। "मैं समझती हूँ कि हर कोई अपनी ज़िम्मेदारियों में व्यस्त है, इसलिए मुझे ज़्यादा मदद नहीं मिल पाती।" जब एलिनर को बाहर जाना होता है, तो एंसोस्ना खुशी-खुशी इलेशन का ध्यान रखने की पेशकश करती हैं। वह कहती हैं, "मुझे बुरा लगता है क्योंकि उन्हें अपने बच्चे की भी देखभाल करनी होती है और मुझे उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए। मैं कभी-कभी ही उनसे मदद मांगती हूँ।"
 
एडू और मैसी सरकारी पोर्ट माउट स्कूल जाते हैं, जबकि इलेशन घर पर ही रहता है। एलिनर कहती हैं, "भूख लगने पर वह रोने लगता है और मुझे उसे खाना खिलाना पड़ता है। कभी-कभी मैं उसके पास रोटी की प्लेट रख देती हूँ ताकि देख सकूँ कि क्या वह खुद खाएगा, लेकिन वो  खाना फेंक देता है। उसे टॉयलेट जाने की ज़रूरत होने पर वो बता नहीं पाता, इसलिए अक्सर पैंट में ही पेशाब कर देता है। हम उसे डायपर तभी पहनाते हैं जब बाहर जाते हैं; अगर वो हर समय डायपर पहनेगा तो उसे रैशेज़ हो जाएंगे।"
 
ऐसा लगता है कि इलेशन को सेंसरी दिक्कतें हैं क्योंकि अचानक तेज़ आवाज़ – जैसे स्टील के बर्तन गिरने की आवाज़ – सुनकर वह ज़ोर-ज़ोर से रोने लगता है। तेज़ आवाज़ के अलावा, ठंड लगने पर भी वह रोता है। टीवी पर कुछ मज़ेदार चीज़ देखकर वह हंसता और खिलखिलाता है; असल में वो हर समय टीवी देखना चाहता है – कार्टून नहीं, बल्कि वही चीज़ें जो एलिनर देखती हैं – और जब वो टीवी बंद कर देती हैं तो वह ज़ोर-ज़ोर से रोने लगता है। जब एडविन घर आते हैं, तो वे इलेशन को कार में घुमाने ले जाते हैं; क्योंकि वो ज़्यादा देर तक बैठ नहीं सकता, इसलिए वो बस थोड़ी देर के लिए ही एक-दो चक्कर लगाता है। घर के अंदर, उसे अपनी बैटरी से चलने वाली खिलौना जीप में बैठना अच्छा लगता है।
 
10वीं क्लास में पढ़ने वाला एडू एक समझदार और भरोसेमंद लड़का है। एलिनर कहती हैं, "वह मुझे मेहनत करते हुए देखता है और घर के कामों में मदद करता है। वो अपने भाइयों का भी ध्यान रखता है। वो सफ़ाई और खाना पकाने में भी मदद करता है।" आगे वे बताती हैं, "अगर इलेशन के पास व्हीलचेयर होती, तो मेरे लिए चीज़ें बहुत आसान हो जातीं।"


तस्वीरें:

विक्की रॉय